वाल्मीकि रामायण 7.26.1
स तु तत्र दशग्रीवः सह सैन्येन वीर्यवान् ।अस्तं प्राप्ते दिनकरे निवासं समरोचयत्॥
sa tu tatra daśagrīvaḥ saha sainyena vīryavān |astaṃ prāpte dinakare nivāsaṃ samarocayat ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें