वाल्मीकि रामायण 7.26.54
तस्य तत्कर्म विज्ञाय तदा वैश्रवणात्मजः ।मुहूर्तात्क्रोधताम्राक्षस्तोयं जग्राह पाणिना॥
tasya tatkarma vijñāya tadā vaiśravaṇātmajaḥ |muhūrtātkrodhatāmrākṣastoyaṃ jagrāha pāṇinā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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