वाल्मीकि रामायण 7.29.2
ततस्तु देवसैन्येन राक्षसानां बृहद्बलम् ।दशांशं स्थापितं युद्धे शेषं नीतं यमक्षयम्॥
tatastu devasainyena rākṣasānāṃ bṛhadbalam |daśāṃśaṃ sthāpitaṃ yuddhe śeṣaṃ nītaṃ yamakṣayam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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