वाल्मीकि रामायण 7.34.8
यद्वा ऽमृतरसः पीतस्त्वया रावण राक्षस ।तदा वालिनमासाद्य तदन्तं तव जीवितम्॥
yadvā 'mṛtarasaḥ pītastvayā rāvaṇa rākṣasa |tadā vālinamāsādya tadantaṃ tava jīvitam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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