वाल्मीकि रामायण 7.36.3
तं तु वेदविदा तेन लम्बाभरणशोभिना ।वायुमुत्थाप्य हस्तेन शिशुं तं परिमृष्टवान्॥
taṃ tu vedavidā tena lambābharaṇaśobhinā |vāyumutthāpya hastena śiśuṃ taṃ parimṛṣṭavān ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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