वाल्मीकि रामायण 7.39.15
ते सर्वे रामदत्तानि रत्नानि कपिराक्षसाः ।शिरोभिर्धारयामासुर्बाहुभिश्च महाबलाः॥
te sarve rāmadattāni ratnāni kapirākṣasāḥ |śirobhirdhārayāmāsurbāhubhiśca mahābalāḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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