वाल्मीकि रामायण 7.39.19
इत्युक्त्वा व्यवमुच्याङ्गाद्भूषणानि महायशाः ।स बबन्ध महार्हाणि तदाङ्गदहनूमतोः॥
ityuktvā vyavamucyāṅgādbhūṣaṇāni mahāyaśāḥ |sa babandha mahārhāṇi tadāṅgadahanūmatoḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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