वाल्मीकि रामायण 7.39.20
आभाष्य च महावीर्यान्राघवो यूथपर्षभान् ।नीलं नलं केसरिणं कुमुदं गन्धमादनम्॥
ābhāṣya ca mahāvīryānrāghavo yūthaparṣabhān |nīlaṃ nalaṃ kesariṇaṃ kumudaṃ gandhamādanam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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