वाल्मीकि रामायण 7.49.12
आयान्ती चासि विज्ञाता मया धर्मसमाधिना ।कारणं चैव सर्वं मे हृदयेनोपलक्षितम्॥
āyāntī cāsi vijñātā mayā dharmasamādhinā |kāraṇaṃ caiva sarvaṃ me hṛdayenopalakṣitam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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