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वाल्मीकि रामायण 7.49.18
तं प्रयान्तं मुनिं सीता प्राञ्जलिः पृष्ठतो ऽन्वगात्॥
taṃ prayāntaṃ muniṃ sītā prāñjaliḥ pṛṣṭhato 'nvagāt ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंतं प्रयान्तं मुनिं सीता प्राञ्जलिः पृष्ठतो ऽन्वगात्॥
taṃ prayāntaṃ muniṃ sītā prāñjaliḥ pṛṣṭhato 'nvagāt ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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