वाल्मीकि रामायण 7.58.14
यदि वा सहनीयं ते मामनुज्ञातुमर्हसि ।क्षम त्वं न क्षमिष्ये ऽहं मरिष्यामि न संशयः॥
yadi vā sahanīyaṃ te māmanujñātumarhasi |kṣama tvaṃ na kṣamiṣye 'haṃ mariṣyāmi na saṃśayaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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