वाल्मीकि रामायण 7.59.20
यदुस्तु जनयामास यातुधानान्सहस्रशः ।पुरे क्रौञ्चवने दुर्गे राजवंशबहिष्कृतः॥
yadustu janayāmāsa yātudhānānsahasraśaḥ |pure krauñcavane durge rājavaṃśabahiṣkṛtaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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