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वाल्मीकि रामायण 7.6.66
शङ्खचक्रगदाशार्ङ्गखड्गाख्यप्रवरायुधान्॥
śaṅkhacakragadāśārṅgakhaḍgākhyapravarāyudhān ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंशङ्खचक्रगदाशार्ङ्गखड्गाख्यप्रवरायुधान्॥
śaṅkhacakragadāśārṅgakhaḍgākhyapravarāyudhān ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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