वाल्मीकि रामायण 7.61.12
भगवन्मम वंशस्य शूलमेतदनुत्तमम् ।भवेत्तु सततं देव सुराणामीश्वरो ह्यसि॥
bhagavanmama vaṃśasya śūlametadanuttamam |bhavettu satataṃ deva surāṇāmīśvaro hyasi ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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