वाल्मीकि रामायण 7.63.15
अभिषिक्ते तु शत्रुघ्ने रामेणाक्लिष्टकर्मणा ।पौराः प्रमुदिताश्चासन्ब्राह्मणाश्च बहुश्रुताः॥
abhiṣikte tu śatrughne rāmeṇākliṣṭakarmaṇā |paurāḥ pramuditāścāsanbrāhmaṇāśca bahuśrutāḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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