वाल्मीकि रामायण 7.93.17
इति सन्दिश्य बहुशो मुनिः प्राचेतसस्तदा ।वाल्मीकिः परमोदारस्तूष्णीमासीन्महायशाः॥
iti sandiśya bahuśo muniḥ prācetasastadā |vālmīkiḥ paramodārastūṣṇīmāsīnmahāyaśāḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें