वाल्मीकि रामायण 7.94.21
तथा तयोः प्रब्रुवतोः कौतूहलसमन्विताः ।श्रोतारश्चैव रामश्च सर्व एव सुविस्मिताः॥
tathā tayoḥ prabruvatoḥ kautūhalasamanvitāḥ |śrotāraścaiva rāmaśca sarva eva suvismitāḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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