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वाल्मीकि रामायण 7.94.24
पृच्छन्तं राघवं वाक्यमूचतुर्मुनिदारकौ॥
pṛcchantaṃ rāghavaṃ vākyamūcaturmunidārakau ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंपृच्छन्तं राघवं वाक्यमूचतुर्मुनिदारकौ॥
pṛcchantaṃ rāghavaṃ vākyamūcaturmunidārakau ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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