महाभारत 12.137.20
ब्रह्मदत्त उवाच · brahmadatta uvāca
अस्ति वै कृतमस्माभिरस्ति प्रतिकृतं त्वयाउभयं तत्समीभूतं वस पूजनि मा गमः
asti vai kṛtamasmābhirasti pratikṛtaṃ tvayāubhayaṃ tatsamībhūtaṃ vasa pūjani mā gamaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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