महाभारत 12.137.25
न विश्वसेदविश्वस्ते विश्वस्तेऽपि न विश्वसेत्कामं विश्वासयेदन्यान्परेषां तु न विश्वसेत्
na viśvasedaviśvaste viśvaste'pi na viśvasetkāmaṃ viśvāsayedanyānpareṣāṃ tu na viśvaset
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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