महाभारत 6.27.23
शक्नोतीहैव यः सोढुं प्राक्शरीरविमोक्षणात्कामक्रोधोद्भवं वेगं स युक्तः स सुखी नरः
śaknotīhaiva yaḥ soḍhuṃ prākśarīravimokṣaṇātkāmakrodhodbhavaṃ vegaṃ sa yuktaḥ sa sukhī naraḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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