महाभारत 6.28.3आरुरुक्षोर्मुनेर्योगं कर्म कारणमुच्यतेयोगारूढस्य तस्यैव शमः कारणमुच्यतेārurukṣormuneryogaṃ karma kāraṇamucyateyogārūḍhasya tasyaiva śamaḥ kāraṇamucyateइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें