महाभारत 8.24.68
वन्धुरं पृथिवीं देवीं विशालपुरमालिनीम्सपर्वतवनद्वीपां चक्रुर्भूतधरां तदा
vandhuraṃ pṛthivīṃ devīṃ viśālapuramālinīmsaparvatavanadvīpāṃ cakrurbhūtadharāṃ tadā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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