वाल्मीकि रामायण 1.63.4
ततः कालेन महता मेनका परम अप्सराः ।पुष्करेषु नर श्रेष्ठ स्नातुम् समुपचक्रमे॥
tataḥ kālena mahatā menakā parama apsarāḥ |puṣkareṣu nara śreṣṭha snātum samupacakrame ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें