वाल्मीकि रामायण 1.64.4
ततो हि मे भयम् देव प्रसादम् कर्तुम् अर्हसि ।एवम् उक्तः तया राम स भयम् भीतया तदा॥
tato hi me bhayam deva prasādam kartum arhasi |evam uktaḥ tayā rāma sa bhayam bhītayā tadā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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