वाल्मीकि रामायण 2.100.13
कच्चिदग्निषु ते युक्तो विधिज्ञो मतिमानृजु: ।हुतं च होष्यमाणं च काले वेदयते सदा॥
kaccidagniṣu te yukto vidhijño matimānṛju: |hutaṃ ca hoṣyamāṇaṃ ca kāle vedayate sadā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें