वाल्मीकि रामायण 2.100.41
वीरैरध्युषितां पूर्वमस्माकं तात पूर्वकै: ।सत्यनामां दृढद्वारां हस्त्यश्वरथसङ्कुलाम्॥
vīrairadhyuṣitāṃ pūrvamasmākaṃ tāta pūrvakai: |satyanāmāṃ dṛḍhadvārāṃ hastyaśvarathasaṅkulām ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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