Loading
वाल्मीकि रामायण 2.100.8
कच्चिच्छुश्रूषसे तात पितरं सत्यविक्रमम्॥
kaccicchuśrūṣase tāta pitaraṃ satyavikramam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंकच्चिच्छुश्रूषसे तात पितरं सत्यविक्रमम्॥
kaccicchuśrūṣase tāta pitaraṃ satyavikramam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें