वाल्मीकि रामायण 2.114.2
बिडालोलूकचरितामालीननरवारणाम् ।तिमिराभ्याहतां कालीमप्रकाशां निशामिव॥
biḍālolūkacaritāmālīnanaravāraṇām |timirābhyāhatāṃ kālīmaprakāśāṃ niśāmiva ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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