वाल्मीकि रामायण 4.19.3
तम् भार्या बाण मोक्षेण राम दत्तेन संयुगे ।हतम् प्लवग शार्दूलम् तारा शुश्राव वालिनम्॥
tam bhāryā bāṇa mokṣeṇa rāma dattena saṃyuge |hatam plavaga śārdūlam tārā śuśrāva vālinam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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