वाल्मीकि रामायण 4.19.5
ये ते अंगद परीवारा वानरा हि महाबलाः ।ते सकार्मुकम् आलोक्य रामम् त्रस्ताः प्रदुद्रुवुः॥
ye te aṃgada parīvārā vānarā hi mahābalāḥ |te sakārmukam ālokya rāmam trastāḥ pradudruvuḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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