वाल्मीकि रामायण 4.42.4
बुद्धि विक्रम सम्पन्नान् वैनतेय सम द्युतिम् ।मरीचि पुत्रान् मारीचान् अर्चिर्माल्यान् महबलान्॥
buddhi vikrama sampannān vainateya sama dyutim |marīci putrān mārīcān arcirmālyān mahabalān ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें