वाल्मीकि रामायण 4.59.2
जांबवान् वानर श्रेष्ठः सह सर्वैः प्लवंगमैः ।भू तलात् सहसा उत्थाय गृध्र राजानम् अब्रवीत्॥
jāṃbavān vānara śreṣṭhaḥ saha sarvaiḥ plavaṃgamaiḥ |bhū talāt sahasā utthāya gṛdhra rājānam abravīt ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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