वाल्मीकि रामायण 4.59.8
तम् माम् एवम् गतम् पुत्रः सुपार्श्वो नाम नामतः ।आहारेण यथा कालम् बिभर्ति पतताम् वरः॥
tam mām evam gatam putraḥ supārśvo nāma nāmataḥ |āhāreṇa yathā kālam bibharti patatām varaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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