वाल्मीकि रामायण 5.1.96
हनूमान्रामकार्यार्थं भीमकर्मा खमाप्लुतः ।अस्य साह्यं मया कार्यमिक्ष्वाकुकुलवर्तिनः॥
hanūmānrāmakāryārthaṃ bhīmakarmā khamāplutaḥ |asya sāhyaṃ mayā kāryamikṣvākukulavartinaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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