वाल्मीकि रामायण 5.17.11
एकहस्तैकपादाश्च खरकर्ण्यश्वकर्णिकाः ।गोकर्णीर्हस्तिकर्णीईश्च हरिकर्णीस्तथापराः॥
ekahastaikapādāśca kharakarṇyaśvakarṇikāḥ |gokarṇīrhastikarṇīīśca harikarṇīstathāparāḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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