वाल्मीकि रामायण 5.17.25
ददर्श हनुमान् देवीम् लतामकुसुमामिव ।सा मलेन च दिग्धाङ्गीवपुषा चाप्यलंकृता॥
dadarśa hanumān devīm latāmakusumāmiva |sā malena ca digdhāṅgīvapuṣā cāpyalaṃkṛtā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें