वाल्मीकि रामायण 5.34.3
यो ब्राह्ममस्त्रं वेदांश्च वेद वेदविदां वरः ।स त्वां दाशरथी रामो देवि कौशलमब्रवीत्॥
yo brāhmamastraṃ vedāṃśca veda vedavidāṃ varaḥ |sa tvāṃ dāśarathī rāmo devi kauśalamabravīt ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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