वाल्मीकि रामायण 5.36.2
वानरो ऽहं महाभागे दूतो रामस्य धीमतः ।रामनामाङ्कितं चेदं पश्य देव्यङ्गुलीयकम्॥
vānaro 'haṃ mahābhāge dūto rāmasya dhīmataḥ |rāmanāmāṅkitaṃ cedaṃ paśya devyaṅgulīyakam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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