वाल्मीकि रामायण 5.37.8
वर्तते दशमो मासो द्वौ तु शेषौ प्लवङ्गम ।रावणेन नृशंसेन समयो यः कृतो मम॥
vartate daśamo māso dvau tu śeṣau plavaṅgama |rāvaṇena nṛśaṃsena samayo yaḥ kṛto mama ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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