वाल्मीकि रामायण 5.46.4
यात सेनाग्रगाः सर्वे महाबलपरिग्रहाः ।सवाजिरथमातङ्गाः स कपिः शास्यतामिति॥
yāta senāgragāḥ sarve mahābalaparigrahāḥ |savājirathamātaṅgāḥ sa kapiḥ śāsyatāmiti ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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