वाल्मीकि रामायण 5.58.62
ततो हलहलाशब्दं काञ्चीनूपुरमिश्रितम् ।शृणोम्यधिकगम्भीरं रावणस्य निवेशने॥
tato halahalāśabdaṃ kāñcīnūpuramiśritam |śṛṇomyadhikagambhīraṃ rāvaṇasya niveśane ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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