वाल्मीकि रामायण 6.16.11
यथा पुष्करपत्रेषु पतितास्तोयबिन्दवः ।न श्लेषमभिगच्चन्ति तथानार्येषु सौहृदम्॥
yathā puṣkarapatreṣu patitāstoyabindavaḥ |na śleṣamabhigaccanti tathānāryeṣu sauhṛdam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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