वाल्मीकि रामायण 6.39.22
प्रासादैश् च विमानैश् च लन्का परम भूषिता ।घनैर् इव आतप अपाये मध्यमम् वैष्णवम् पदम्॥
prāsādaiś ca vimānaiś ca lankā parama bhūṣitā |ghanair iva ātapa apāye madhyamam vaiṣṇavam padam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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