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वाल्मीकि रामायण 6.48.23
मा विषादं कृथा देवि भर्ता ऽयं तव जीवति॥
mā viṣādaṃ kṛthā devi bhartā 'yaṃ tava jīvati ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंमा विषादं कृथा देवि भर्ता ऽयं तव जीवति॥
mā viṣādaṃ kṛthā devi bhartā 'yaṃ tava jīvati ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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