वाल्मीकि रामायण 6.49.18
यथैव मां वनं यान्तमनुयातो महाद्युतिः ।अहमप्यनुयास्यामि तथैवैनं यमक्षयम्॥
yathaiva māṃ vanaṃ yāntamanuyāto mahādyutiḥ |ahamapyanuyāsyāmi tathaivainaṃ yamakṣayam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें