वाल्मीकि रामायण 6.49.23
यन्मया न कृतो राजा राक्षसानां विभीषणः ।तच्च मिथ्याप्रलप्तं मां प्रधक्ष्यति न संशयः॥
yanmayā na kṛto rājā rākṣasānāṃ vibhīṣaṇaḥ |tacca mithyāpralaptaṃ māṃ pradhakṣyati na saṃśayaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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