वाल्मीकि रामायण 6.49.27
अङ्गदेन कृतं कर्म मैन्देन द्विविदेन च ।युद्धं केसरिणा सङ्ख्ये घोरं सम्पातिना कृतम्॥
aṅgadena kṛtaṃ karma maindena dvividena ca |yuddhaṃ kesariṇā saṅkhye ghoraṃ sampātinā kṛtam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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