वाल्मीकि रामायण 6.69.2
एवमेव महावीर्यो हतो नस्तातमध्यमः।न तु सत्पुरुषा राजन् विलपन्ति यथा भवान्॥
evameva mahāvīryo hato nastātamadhyamaḥ |na tu satpuruṣā rājan vilapanti yathā bhavān ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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