वाल्मीकि रामायण 6.72.8
ये योधा निर्गताः शूरा राक्षसा मम शासनात्।ते सर्वे निहता युद्धे वानरैः सुमहाबलैः॥
ye yodhā nirgatāḥ śūrā rākṣasā mama śāsanāt |te sarve nihatā yuddhe vānaraiḥ sumahābalaiḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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